कुछ कमी सी लगती है तुम बिन
ना रंग है ना रोशनी है तुम बिन...
वक्त अपनी रफ्तार से चल रहा है
बस धड़कन थमी सी है तुम बिन...
ना बारिश है ना धुआं है फिर भी
दिल में तपिश सी है तुम बिन...
बहुत रोका है बादलों को बरसने से
फिर भी आंखों में नमी सी है तुम बिन...!!
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