ये दिल भुलाता नहीं है मोहब्बतें उसकी,
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदतें उसकी...
ये मेरा सारा सफर उसकी खुशबू में कटा,
मुझे तो राह दिखाती थी चाहतें उसकी...
काश एक खवाहिश पूरी हो,इबादत के बगैर,
वो आ कर गले लगा ले मेरी,इजाजत के बगैर...!!
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